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भारत में वर्तमान घटनाक्रम: सुरक्षा, अर्थनीति, जल-नीति और अंतरराष्ट्रीय संबंधों की सहज समझ — UPSC तैयारी के लिए

  • Aug 25, 2025
  • 2 min read

आज का भारत कई स्तरों पर महत्वपूर्ण घटनाओं और निर्णयों का केंद्र बना हुआ है जो समाज, अर्थव्यवस्था और अंतरराष्ट्रीय संबंधों पर व्यापक प्रभाव डाल रहे हैं। सबसे पहले सुरक्षा से जुड़ा एक ताज़ा निर्णय है—नागपुर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) मुख्यालय के पास पुलिस ने 25 अगस्त से लेकर 23 अक्टूबर 2025 तक फोटोग्राफी, वीडियोग्राफी और ड्रोन उपयोग पर प्रतिबंध लगाया है, ताकि संवेदनशील क्षेत्र की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके और संभावित खतरों को रोका जा सके। दूसरी ओर, पर्यावरण और जल प्रबंधन संबंधी बहुपक्षीय चिंता उत्पन्न हुई है जब चीन ने तिब्बत में विश्व की सबसे बड़ी जलविद्युत परियोजना शुरुआत की, जिससे ब्रह्मपुत्र नदी का मौसमी जल प्रवाह शुष्क मौसम में 85% तक घट सकता है, और भारत इसे रणनीतिक रूप से नियंत्रित करने की क्षमता रखता है; इस पर प्रतिक्रिया में भारत अपना उत्तर-सियांग बहुउद्देश्यीय जलाशय जलद गति से बना रहा है हालांकि इससे अरुणाचल प्रदेश में समुदायों के विस्थापन को लेकर विरोध भी बढ़ रहा है। तीसरी घटना आर्थिक मोर्चे पर केंद्रित है—भारत सरकार अपनी उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) की गणना में बदलाव ला रही है ताकि ई-कॉमर्स प्लेटफ़ॉर्म्स जैसे अमेज़न और फ्लिपकार्ट से सीधे मूल्य डेटा लिया जा सके, जिससे आधुनिक उपभोग व्यवहार को बेहतर ढंग से दर्शाया जा सके और सेवा क्षेत्र (जैसे एयर यात्रा, स्ट्रीमिंग) पर ध्यान बढ़े; नए GDP बेस वर्ष (2022-23), मासिक रोजगार सर्वे और तिमाही सेवाएँ उत्पादन सूचकांक (ISP) भी इसी सुधार का हिस्सा हैं। इसके अतिरिक्त, रेटिंग एजेंसी फिच ने भारत की दीर्घकालिक विदेशी मुद्रा ऋणकर्ता डिफॉल्ट रेटिंग (‘BBB-’) को स्थिर परिदृश्य के साथ बनाए रखा है, जिससे भारत की मजबूत आर्थिक वृद्धि, बाह्य वित्तीय स्थिति और संभावित ब्याज दरों में कटौती की संभावना का संकेत मिलता है; हालांकि चुनौतियों में संरचनात्मक वित्तीय कमजोरियां और सीमित राजकोषीय घाटे में कमी शामिल हैं। अंतरराष्ट्रीय व्यापार और कूटनीति भी तनावमय स्थिति में हैं—अमेरिका ने भारतीय वस्तुओं पर एक और 25% शुल्क लगाया है, जिससे कुल शुल्क दर 50% तक पहुंच गई है; इससे सूरत के हीरों के व्यवसाई प्रभावित हुए हैं, हजारों रोजगार खत्म हो गए हैं और व्यापार वार्ताएँ रद्द हो गईं हैं, जिससे भारत-अमेरिका का संबंध और तनावपूर्ण हुआ है। व्यापार तनाव और वैश्विक निर्भरता को लेकर विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने हाल ही में कहा कि अनुभवों ने हमें सिखाया है कि किसी एक बाजार पर निर्भर नहीं होना चाहिए, और विविधता ही जोखिम प्रबंधन का सही मार्ग है। राजनीति की दिशा में एक और महत्वपूर्ण पहलू है—मणिपुर में राष्ट्रपति शासन को 13 अगस्त 2025 से छह महीनों के लिए बढ़ाया गया है, जो राज्य की राजनीतिक और प्रशासनिक चुनौतियों को दर्शाता है। इस प्रकार की घटनाएँ UPSC अभ्यर्थियों को समझने में मदद करती हैं कि कैसे सुरक्षा, जल-नीति, आर्थिक सुधार, अंतरराष्ट्रीय व्यापार नीति, और संघ-राज्य संबंधों के व्यापक पहलू देश में एक साथ गतिशील रहते हैं और सभी का भविष्य में नीति निर्धारण पर गहरा प्रभाव पड़ता है। इन खबरों से बच्चों और प्रतियोगी परीक्षार्थियों को यह समझने में सहायता मिलती है कि विश्व में हो रही घटनाओं का उनके जीवन और देश की दिशा पर कितना बड़ा असर हो सकता है, और यही विषय UPSC की तैयारी में एक समृद्ध आधार बनाते हैं।

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