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शीर्षक: विश्व और भारत के समसामयिक परिदृश्य का व्यापक विश्लेषण

  • Aug 25, 2025
  • 3 min read

आज की दुनिया बहुत तेजी से बदल रही है और यह बदलाव भारत जैसे बड़े देश को भी गहराई से प्रभावित कर रहा है। अगर हम देखें तो सबसे पहले कोविड-19 महामारी ने पूरी दुनिया को हिला दिया था। अब महामारी लगभग खत्म हो चुकी है, लेकिन इसके असर अभी भी बाकी हैं। कई देशों की अर्थव्यवस्था कमजोर हो गई, बेरोजगारी बढ़ी और स्वास्थ्य सेवाओं की कमी साफ दिखी। भारत ने इस दौरान आत्मनिर्भर भारत अभियान शुरू किया, ताकि ज़रूरी चीज़ें बाहर से लाने की बजाय देश में ही बनाई जा सकें। अब भारत में वैक्सीन, दवाइयाँ और तकनीक पर ज़ोर दिया जा रहा है। इसके बाद सबसे बड़ा मुद्दा है जलवायु परिवर्तन यानी कि मौसम में हो रहे खतरनाक बदलाव। कभी बहुत ज्यादा बारिश होती है, कभी सूखा पड़ जाता है, कभी अचानक बाढ़ आ जाती है। यह समस्या सिर्फ भारत की नहीं बल्कि पूरी दुनिया की है। इसलिए भारत सौर ऊर्जा, पवन ऊर्जा और हरित तकनीक पर ज़ोर दे रहा है, ताकि प्रदूषण कम हो और आने वाली पीढ़ियाँ सुरक्षित रहें।

अब अगर हम राजनीति और अंतरराष्ट्रीय मामलों को देखें, तो चीन और अमेरिका के बीच तनाव पूरी दुनिया पर असर डाल रहा है। अफगानिस्तान से अमेरिकी सेना के जाने के बाद वहाँ फिर से अशांति है। भारत के लिए यह चुनौती है, क्योंकि अफगानिस्तान और पाकिस्तान में जो भी होता है, उसका असर हमारी सुरक्षा पर पड़ता है। चीन के साथ सीमा विवाद भी समय-समय पर सामने आता है। लेकिन भारत QUAD जैसे समूह में अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया के साथ मिलकर हिंद-प्रशांत क्षेत्र को सुरक्षित बनाने की कोशिश कर रहा है। इससे भारत की ताकत और भी बढ़ रही है।

भारत की अर्थव्यवस्था की बात करें तो महामारी के बाद धीरे-धीरे सुधार हो रहा है। जीडीपी की वृद्धि दर दुनिया के कई देशों से बेहतर है। डिजिटल इंडिया और स्टार्टअप इंडिया जैसे कार्यक्रमों ने युवाओं को नए मौके दिए हैं। आज गाँव-गाँव में डिजिटल भुगतान हो रहा है और छोटे-छोटे व्यवसाय भी ऑनलाइन हो गए हैं। लेकिन अभी भी बेरोजगारी, किसानों की आय, और अमीर-गरीब के बीच की खाई जैसी समस्याएँ मौजूद हैं, जिन्हें सुलझाना ज़रूरी है।

तकनीक के क्षेत्र में भारत तेजी से आगे बढ़ रहा है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रोबोटिक्स, 5G और साइबर सुरक्षा जैसे विषयों पर भारत काम कर रहा है। इससे शिक्षा, स्वास्थ्य और कारोबार में बड़े बदलाव हो रहे हैं। लेकिन इसके साथ ही डेटा सुरक्षा और फेक न्यूज़ जैसी समस्याएँ भी बढ़ रही हैं।

सामाजिक दृष्टि से देखें तो भारत में किसानों के आंदोलन, महिलाओं के अधिकार, दलितों और पिछड़े वर्गों की बराबरी, और युवाओं की भागीदारी जैसे मुद्दे लगातार चर्चा में हैं। शिक्षा के क्षेत्र में नई शिक्षा नीति (NEP-2020) लाई गई है, जिसका मकसद है बच्चों को केवल किताबें पढ़ाने की बजाय उन्हें कौशल और सोचने की क्षमता सिखाना। महामारी के बाद ऑनलाइन पढ़ाई का चलन बहुत बढ़ गया, लेकिन इससे डिजिटल विभाजन भी सामने आया। गाँवों में कई बच्चों के पास इंटरनेट और मोबाइल नहीं थे, जिससे उनकी पढ़ाई प्रभावित हुई।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की भूमिका और भी मजबूत हो रही है। भारत ने G20 की अध्यक्षता की, जिसमें दुनिया के बड़े-बड़े देशों के नेता भारत आए। इस मौके पर भारत ने दिखाया कि वह दुनिया की समस्याओं – चाहे जलवायु परिवर्तन हो, विकास हो या गरीबी – सबके समाधान में योगदान दे सकता है। अफ्रीका और एशिया के कई छोटे देशों के साथ भारत अपनी दोस्ती और व्यापारिक संबंध बढ़ा रहा है। इससे भारत की छवि एक जिम्मेदार और भरोसेमंद देश की बन रही है।

कुल मिलाकर, आज भारत कई चुनौतियों और कई अवसरों के बीच खड़ा है। चुनौतियों में जलवायु परिवर्तन, बेरोजगारी, सीमा विवाद, और सामाजिक असमानता शामिल हैं। वहीं अवसरों में डिजिटल क्रांति, आर्थिक विकास, अंतरराष्ट्रीय सहयोग और युवा शक्ति हैं। एक UPSC छात्र के लिए यह ज़रूरी है कि वह इन सभी घटनाओं को केवल जानकारी के तौर पर न ले, बल्कि यह समझे कि इनका असर समाज, राजनीति, अर्थव्यवस्था और अंतरराष्ट्रीय संबंधों पर कैसे पड़ता है। इसी से वह न केवल परीक्षा में सफल होगा बल्कि एक जिम्मेदार नागरिक और भविष्य का नीति निर्माता भी बन पाएगा।

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